“कुंभ आस्था का चुंबक है”

प्रयागराज

 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज कुंभ मेला पहुंचे। राष्ट्रपति, सीएम योगी और राज्यपाल के साथ संगम नोज पर भ्रमण किया। इसके बाद पूजा अर्चना शुरु की। संतों ने एक सुर में मंत्रोच्चारण किया। राष्ट्रपति कोविंद संगम के किनारे पूजा पाठ करने के बाद सीएम योगी और राज्यपाल के साथ अरैल पहुंचे। यहां उन्होंने गांधियन कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया, उसके बाद राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद ने महिलाओं के बीच साड़ी वितरण किया।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में पहले वहां मौजूद सभी लोगों का अभिनंदन किया। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष को इस कार्यक्रम के लिए विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मोक्षदायिनी गंगा को पार करने में कई जन्म लग जाते हैं। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि मुझे इस मोक्षदायिनी गंगा को पार करने में सवा घंटे ही लगे। उन्होंने गांधियन कांफ्रेंस के कार्यक्रम में देर से आने के लिए लोगों से माफी भी मांगी।

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि, मैंने मीडिया के माध्यम से जाना है कि पहले शाही स्नान के दिन देश-विदेशों के अलावा देवी-देवता भी यहां आते हैं। उन्होंने कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा विदेशों से आने वाले साइबेरियन पक्षियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज हम संकल्प लें और बापू के स्वच्छताग्रही मिशन को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। गांधी जी के मन में स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने की पीड़ा थी। वह हमेशा स्वच्छता को लेकर चिंतित रहते थे। स्वच्छता की कसौटी शौचालय में मिलती है। स्वच्छता का संबंध हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। हम स्वस्थ्य रहेंगे तो हमारा परिवार स्वस्थ्य रहेगा और परिवार स्वस्थ्य रहेगा तो गांव स्वस्थ्य रहेगा। इसी तरह स्वस्थ्ता का क्रम बढ़ता रहेगा। अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति ने लोगों से कुंभ में आने की अपील की साथ ही उन्हें शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 450 साल बाद अक्षयवट और सरस्वती कूप के दर्शन हुए। यह आजादी के बाद का पहला कुंभ है जब गंगा के प्रवाह में कोई रूकावट नहीं हो रही है। गंगा में पानी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने इसके लिए स्वामी अच्युतानंद का आभार जताया। गंगा में गिरने वाले सभी नालों को बंद किया गया है। हमने इसके लिए बायो रेमिडेशन की पद्धती अपनाई है।

संगम के तट पर संगम खुद चलकर आया

वहीं, स्वामी अच्युतानंद जी महाराज मंच से लोगों को संबोधित कर रहे हैं। अपने संबोधन में सबसे पहले उन्होंने राष्ट्रपति, सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल राम नाईक, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ सिंह, मंत्री नंद गोपाल नंदी, मंत्री सुरेश खन्ना, मेयर अभिलाषा गुप्ता और मंच पर विराजमान सभी आचार्य महामंडलेश्वरों का अभिवादन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि,  1953 में पहली बार कुंभ मेले में भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद आए थे। आज फिर वह ऐतिहासिक क्षण सामने आया है जब हमारे बीच देश के राष्ट्रपति आए है।

उन्होंने कहा कि, संगम के तट पर संगम खुद चल कर आया है। उत्तर प्रदेश में योगी को सीएम बनाकर पीएम ने हम लोगों को गौरवान्वित किया है। गांधियन विचारों से देश को एक नई दिशा मिलेगी।

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