हैप्पी बर्थडे भुवि

स्पोर्ट्स डेस्क

पांच फरवरी को टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का बर्थडे है। भुवी आज टीम इंडिया का अहम हिस्सा बन चुके हैं। बीते दिनों ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे में उन्होंने अपना 100वां अंतर्राष्ट्रीय वनडे हासिल किया। उन्होंने 96वें मैच में यह उपलब्धि हासिल की। 28 वर्षीय इस गेंदबाज ने इससे पहले 95 वनडे मैचों में 38.22 की औसत से 99 विकेट झटके थे।

 

बहरहाल, बहुत कम लोगों को बता है कि सचिन तेंडुलकर जैसे महान बल्लेबाज को रणजी क्रिकेट में पहली बार जीरो पर आउट करने वाला गेंदबाज 19 साल का युवा भुवनेश्वर ही था। यह खुलासा खुद भुवनेश्वर ने किया था। भुवनेश्वर ने बताया था कि वर्ष 2008-09 के रणजी ट्रॉफी फाइनल में उन्होंने सचिन तेंडुलकर को शून्य पर आउट किया था। हालांकि उन्हें आउट करने के बाद भुवी खुद नहीं समझ पाए कि ऐसा कैसे हुआ था।

ये पहली बार हुआ था जब रणजी ट्रॉफी में सचिन जीरो पर आउट हुए थे। सबसे मजेदार बात तो ये कि मैच से पहले भुवी जब होटल से निकल रहे थे उसी वक्त सचिन भी अपने कमरे से निकले। भुवी सचिन से मिलने उनके पास पहुंचे और फिर उन्हें गुड मॉर्निंग कहा। दोनों साथ में लिफ्ट से उतरे और जाने से पहले सचिन ने भुवी को ऑल द बेस्ट कहा था।

 

इसलिए भुवी की नजर में धोनी जैसा कोई नहीं

भुवी ने कहा कि वर्ष 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में जब वो दसवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे उस वक्त धोनी 121 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। जब वो धोनी के पास आए तो उन्होंने कहा कि अपना नेचुरल खेल खेलो। इसके बाद जब धोनी 190 पर पहुंच गए तो मुझे लगा कि वो मुझे संभलकर खेलने को कहेंगे मगर ऐसा नहीं हुआ। धोनी उनसे यही कहते रहे कि बिंदास खेलो, टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है।

भुवी ने बताया कि रणजी में कई बार जब खिलाड़ी अपने शतक के पास होते थे तो उनसे कहते थे कि संभलकर खेलो मगर धोनी ने ऐसा कुछ नहीं कहा। इस मैच में धोनी और भुवी के बीच नौवें विकेट के लिए 140 रन की साझेदारी हुई और धोनी ने 224 रन की पारी खेली थी।

 

बहन ने दिए थे नए जूते

जब भुवनेश्वर को 17 साल की उम्र में अपना पहला रणजी मैच खेलना था जब उनसे पास नए जूते नहीं थे। उन्होंने अपनी बहन को फोन किया जो दिल्ली में काम करती थीं। फिर उन्होंने भुवी के लिए जूते लिए और मेरठ रेलवे स्टेशन पहुंची।

यह करिश्मा करने वाले पहले भारतीय

फरवरी 2018 में भुवी ने दक्षिण अफ्रीका खिलाफ टी-20 मैच में 24 रन देते हुए पांच विकेट लिए। भुवी ने इस मैच के दौरान ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जो कोई भारतीय गेंदबाज नहीं बना पाया था। वे किसी अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच में पांच विकेट लेने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बने। भुवी ने इसी के साथ एक ऐसी उपलब्धि हासिल कर ली जो इससे पहले कोई भारतीय गेंदबाज नहीं कर पाया था। वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में एक पारी में 5 विकेट लेने वाले गेंदबाजों के समूह में शामिल हो गए। वे इससे पहले वनडे में एक बार मैच में 5 विकेट ले चुके हैं जबकि टेस्ट मैचों में उन्होंने चार बार एक पारी में 5 या ज्यादा विकेट लिए हैं।

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