...जब PM ने लोकसभा में पढ़ी सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता

नई दिल्‍ली

 

लोकसभा के अंतिम सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश किया। यह उनका लोकसभा में दिया दिया आखिरी भाषण था। इसके बाद चुनाव के बाद जो सरकार चुनकर आएगी वह लोकसभा में भाषण देगी। अपने अंतिम भाषण की शुरुआत पीएम ने सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता से की। उन्होंने भ्रष्टाचार से लेकर रक्षा सौदों की दलाली तक और सेवा भाव से लेकर पैसे लेकर विदेश भागने तक हर मुद्दे को छुआ।

अपने आखिरी भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की एक कविता की कुछ पंक्तियां भी सुनाईं। जो इस तरह हैं… जब कभी झूठ की बस्ती में, सच को तड़पते देखा है, तब मैंने अपने भीतर किसी, बच्चे को सिसकते देखा है। अपने घर की चारदिवारी में, अब लिहाफ में भी सिहरन होती है, जिस दिन से किसी को गुर्बत में, सड़कों पर ठिठुरते देखा है।

सेवा भोग वर्सेज सत्ता भोग

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा और अपनी सरकार के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने की मांग की। उन्होंने साढ़े चार साल में अपनी उन उपलब्धियों को सूचीबद्ध किया। पीएम ने अपने 55 महीने के कार्यकाल को सेवा भोग बताया और 55 साल के कांग्रेस राज को सत्ता भोग करार दिया। उन्होंने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जिन लोगों ने देश को लूटा है वह लगातार मोदी से डर रहे हैं।

महामिलावट सरकार

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष के उनके खिलाफ बनाए गए गठबंधन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 30 सालों में पहली बार किसी पार्टी को 2014 में पूर्ण बहुमत मिला है। भारत के लोगों ने देखा है कि कैसे बहुमत वाली सरकार काम करती है। उन्होंने हमारा काम देखा है। वह एक महामिलावट सरकार नहीं चाहती जो कोलकाता में इकट्ठा हुई थी। यदि अटल बिहारी वाजपेयी के पास उस समय बहुमत वाली सरकार होती तो देश आज काफी आगे होता।

उल्टा चोर चौकीदार को डांटे

पीएम ने कांग्रेस के उन आरोपों पर जवाब दिया जिसमें भाजपा पर संस्थानों को नष्ट करने और उनका दुरुपयोग करने का आरोप लगता रहता है। उन्होंने कहा, उल्टा चोर चौकीदार को डांटे। कांग्रेस ने आपातकाल लगाया लेकिन मोदी संस्थानों को नष्ट कर रहा है। कांग्रेस ने सेना की बेइज्जती की और सेनाध्यक्ष को गुंडा कहा लेकिन मोदी संस्थानों को नष्ट कर रहा है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग और ईवीएम पर सवाल उठाए लेकिन मोदी संस्थानों को नष्ट कर रहा है। कांग्रेस ने न्याय व्यवस्था का मजाक उड़ाया लेकिन मोदी संस्थानों को नष्ट कर रहा है। कांग्रेस ने योजना आयोग को जोकरों का समूह कहा लेकिन मोदी संस्थानों को नष्ट कर रहा है। कांग्रेस ने कई बार अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग किया लेकिन मोदी संस्थानों को नष्ट कर रहा है।

बीसी और एडी

अपने भाषण में पीएम ने कहा कि कांग्रेस में मेरे दोस्त चीजों को दो समयावधि में देखते हैं। बीसी- कांग्रेस से पहले और एडी- राजवंश के बाद। क्या आप जानते हैं मेरा अपराध क्या है? कि एक शख्स जो गरीब परिवार में जन्म वह उनकी सल्तनत को चुनौती दे रहा है।

 

राफेल डील

मोदी ने कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा को लेकर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस राफेल सौदे को नहीं होने देना चाहती क्योंकि वह नहीं चाहती कि देश की वायुसेना मजबूत बने। मैं गंभीर आरोप लगा रहा हूं। कांग्रेस नहीं चाहती कि हमारे सशस्त्र बल मजबूत बनें। क्या रक्षा सौदों में दलाली खाना जरूरी है?

महात्मा गांधी, बाबासाहेब आंबेडकर

उन्‍होंने कीमतों में वृद्धि को लेकर हिंदी सिनेमा के दो गानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत मेरा नारा नहीं है। मैं केवल महात्मा गांधी की इच्छा को पूरा कर रहा हूं। उन्होंने कहा एक बार बाबासाहेब आंबेडकर ने कहा था कि कांग्रेस में जाना आत्महत्या करने के समान है।

 

सूरज जाएगा तो कहां

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने भाषण के दौरान एक शेर पढ़ा, मैंने सूरज इसी आसमान में ढलते देखा है, किस बात पर तू इतरा रहा है। जगमगाते आसमान में तारों को टूटते देखा है। इसके जवाब में पीएम मोदी ने एक कविता के अंश को पढ़ा। उन्होंने कहा, सूरज जाएगा भी तो कहां, उसे यहीं रहना होगा। यहीं हमारी सांसों में, हमारी रगों में, हमारे संकल्पों में, हमारे रतजगो में। तुम उदास मत होओ, अब मैं किसी भी सूरज को नहीं डूबने दूंगा।

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